ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बयान दर्ज करने में देरी पर एएसआई को निलंबित करने के दिए आदेश


जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री अनिल विज ने सुनी शिकायतें

कहा-जनसमस्याओं के समाधान में देरी न करें अधिकारी, लापरवाही मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई






कैथल DIGITAL DESK  ||
  हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कैथल में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में पीड़िता के बयान दर्ज करने में देरी करने पर एएसआई को निलंबित करने के आदेश दिए हैं। 


इसी मामले में एडीसी की अगुवाई में एक कमेटी गठित कर जांच के आदेश किए। साथ ही धोखाधड़ी के एक केस को करनाल स्थानांतरित कर वहां की जांच उपरांत रद्द किए जाने के मामले की जांच पंचकुला पुलिस कमिश्नर से करवाए जाने के आदेश किए हैं। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही न बरती जाए, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।


जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में कुल 17 मामले रखे गए। जिसमें दस पुरानी व सात नई शिकायतें रहीं। मंत्री को एक दंपत्ति द्वारा शिकायत दी गई कि उसकी पुत्री को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही। मंत्री ने सुनवाई के दौरान पूछताछ की, जिसमें पीड़िता के अस्पताल से ब्यान दर्ज करने में देरी मिलने पर मंत्री अनिल विज ने मामले के जांच अधिकारी पूंडरी थाना में कार्यरत एएसआई को सस्पेंड करने के आदेश दिए। साथ ही इस मामले में एडीसी की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर गहनता से जांच कर 10 दिन के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस कमेटी में डीएसपी व एक गैर सरकारी सदस्य शक्ति सौदा को शामिल गया है।


पुरानी शिकायतों में पहली शिकायत सीवन गेट निवासी मनजीत सिंह की थी। जिसमें उसने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी को विदेश भेजने के नाम पर चंडीगढ़ की एक फर्म द्वारा धोखाधड़ी की गई है। जिस पर पिछली बैठक में सुनवाई करते हुए मंत्री अनिल विज ने जीरो एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। अब कैथल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जीरो एफआईआर दर्ज कर चंडीगढ़ पुलिस को आगामी कार्रवाई के लिए भेज दिया है। इसलिए इस मामले का निपटान हो गया।

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