घने कोहरे में सावधानी से चलाए वाहन- डीसी
शीतलहर व ठंड से बचाव के लिए सावधानी बरतें नागरिक- डीसी
यमुनानगर CITY LIFE HARYANA || हरियाणा सरकार ने आमजन सहित पशुओं को सर्दी व शीतलहर से बचाव को लेकर विशेष एडवाइजरी जारी की है। डीसी प्रीति ने नागरिकों से शीतलहर व सर्दी से बचाव के लिए एडवाइजरी की पूर्ण रूप से पालना करते हुए सावधानी बरतने की अपील की है।
डीसी प्रीति ने बताया कि आमजन सावधानी बरतकर सर्दी से अपना व अपने पशुओं का बचाव कर सकते हैं। सर्दी से बचाव के लिए आमजन अपने पास पर्याप्त कपड़ों का स्टॉक करें। घर में ठंडी हवा का प्रवेश रोकने के लिए दरवाजों तथा खिड़कियों को ठीक से बंद रखें। जितना संभव हो सके घर के अंदर रहें और ठंडी हवा, बारिश, बर्फ के संपर्क में आने से बचने के लिए कम से कम यात्रा करें। गर्म कपड़े पहनें ताकि ठंड बिल्कुल न लगे। खुद को सूखा रखें और पानी में भीगने से बचें। शरीर की गरमाहट बनाए रखने के लिए अपने सिर, गर्दन, हाथ और पैर की उंगलियों को पर्याप्त रूप से ढककर रखें। गीले कपड़े तुरंत बदलें। हाथों में दस्ताने रखें। फेफड़ों को बचाने के लिए मास्क का प्रयोग करें।
डीसी ने बताया कि सिर पर टोपी या मफलर पहने, स्वास्थ्य वर्धक भोजन लें। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पर्याप्त रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं। गर्म तरल पदार्थ नियमित रूप से पीएं, इससे ठंड से लड़ने के लिए शरीर की गर्मी बनी रहेगी। शराब का सेवन न करें, यह शरीर के तापमान को कम करता है। बुजुर्ग लोगों, नवजात शिशुओं तथा बच्चों का विशेष ध्यान रखें। जरूरत के अनुसार ही रूम हीटर का प्रयोग करें तथा रूम हीटर के प्रयोग के दौरान पर्याप्त हवा निकासी का प्रबंध रखें। उन्होंने कहा कि शीत-घात से बचने के लिए मौसम पूर्वानुमान के लिए रेडियो/टीवी/समाचार पत्र जैसे सभी मीडिया प्रकाशन का ध्यान रखें ताकि यह पता चल सके कि आगामी दिनों में शीतलहर की संभावना है या नहीं। उन्होंने हिदायत देते हुए कहा कि बंद कमरों में कोयले को जलाना खतरनाक हो सकता है।
डीसी ने बताया कि शीतलहर के दौरान पशुओं और पशुधन को जीवन यापन के लिए अधिक भोजन की आवश्यकता होती है क्योंकि ऊर्जा की आवश्यकता बढ़ जाती है। रात के समय पशुओं के आवास को सभी तरफ से ढक दें ताकि ठंडी हवाओं के सीधे संपर्क में आने से बचा जा सके। शीतलहर के दौरान जानवरों को खुले क्षेत्र में न छोड़ें। जानवरों को ठंडा चारा और ठंडा पानी देने से बचें। पशु आश्रय में नमी और धुएं को नहीं रहने दें। वहीं आपातकालीन स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 112 पर फोन कर सहायता लें।
कोहरे में ओवरटेक करने से बचें
डीसी प्रीति ने कहा कि सर्दी के मौसम में घने कोहरे के दौरान विशेषकर सुबह और रात के समय कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो जाती है। ऐसे में वाहन चालकों को सीमित गति में, अपनी निर्धारित लेन में रहकर और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करते हुए वाहन चलाना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके और नागरिक सुरक्षित यात्रा कर सकें। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की है कि वे धुंध के मौसम में गलत दिशा में वाहन न चलाएं और धुंध के समय जहां तक संभव हो ओवरटेक करने से बचें। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक नियमों का पालन कर ही हम अपने और दूसरों के सफर को सुरक्षित बना सकते हैं। उन्होंने वाहन चालकों से जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने की अपील की है।
शरीर का तापमान कम होने पर उठाएं ये कदम
डीसी ने बताया कि हाइपोथर्मिया यानी शरीर का तापमान कम होने पर व्यक्ति को ग्राम स्थान पर ले जाएं और कपड़े बदलें। व्यक्ति के शरीर को त्वचा से त्वचा संपर्क, सूखे कंबल, कपड़े, तौलिये या चादरों से गर्म करें। शरीर के तापमान को बढ़ाने के लिए गर्म पेय दें। यदि स्थिति बिगड़ती है तो तुरंत चिकित्सा सहायता प्राप्त करें।
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शीतलहर व ठंड से बचाव के लिए सावधानी बरतें नागरिक- डीसी
डीसी प्रीति ने बताया कि आमजन सावधानी बरतकर सर्दी से अपना व अपने पशुओं का बचाव कर सकते हैं। सर्दी से बचाव के लिए आमजन अपने पास पर्याप्त कपड़ों का स्टॉक करें। घर में ठंडी हवा का प्रवेश रोकने के लिए दरवाजों तथा खिड़कियों को ठीक से बंद रखें। जितना संभव हो सके घर के अंदर रहें और ठंडी हवा, बारिश, बर्फ के संपर्क में आने से बचने के लिए कम से कम यात्रा करें। गर्म कपड़े पहनें ताकि ठंड बिल्कुल न लगे। खुद को सूखा रखें और पानी में भीगने से बचें। शरीर की गरमाहट बनाए रखने के लिए अपने सिर, गर्दन, हाथ और पैर की उंगलियों को पर्याप्त रूप से ढककर रखें। गीले कपड़े तुरंत बदलें। हाथों में दस्ताने रखें। फेफड़ों को बचाने के लिए मास्क का प्रयोग करें।
डीसी ने बताया कि सिर पर टोपी या मफलर पहने, स्वास्थ्य वर्धक भोजन लें। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पर्याप्त रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं। गर्म तरल पदार्थ नियमित रूप से पीएं, इससे ठंड से लड़ने के लिए शरीर की गर्मी बनी रहेगी। शराब का सेवन न करें, यह शरीर के तापमान को कम करता है। बुजुर्ग लोगों, नवजात शिशुओं तथा बच्चों का विशेष ध्यान रखें। जरूरत के अनुसार ही रूम हीटर का प्रयोग करें तथा रूम हीटर के प्रयोग के दौरान पर्याप्त हवा निकासी का प्रबंध रखें। उन्होंने कहा कि शीत-घात से बचने के लिए मौसम पूर्वानुमान के लिए रेडियो/टीवी/समाचार पत्र जैसे सभी मीडिया प्रकाशन का ध्यान रखें ताकि यह पता चल सके कि आगामी दिनों में शीतलहर की संभावना है या नहीं। उन्होंने हिदायत देते हुए कहा कि बंद कमरों में कोयले को जलाना खतरनाक हो सकता है।
डीसी ने बताया कि शीतलहर के दौरान पशुओं और पशुधन को जीवन यापन के लिए अधिक भोजन की आवश्यकता होती है क्योंकि ऊर्जा की आवश्यकता बढ़ जाती है। रात के समय पशुओं के आवास को सभी तरफ से ढक दें ताकि ठंडी हवाओं के सीधे संपर्क में आने से बचा जा सके। शीतलहर के दौरान जानवरों को खुले क्षेत्र में न छोड़ें। जानवरों को ठंडा चारा और ठंडा पानी देने से बचें। पशु आश्रय में नमी और धुएं को नहीं रहने दें। वहीं आपातकालीन स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 112 पर फोन कर सहायता लें।
कोहरे में ओवरटेक करने से बचें
शरीर का तापमान कम होने पर उठाएं ये कदम
डीसी ने बताया कि हाइपोथर्मिया यानी शरीर का तापमान कम होने पर व्यक्ति को ग्राम स्थान पर ले जाएं और कपड़े बदलें। व्यक्ति के शरीर को त्वचा से त्वचा संपर्क, सूखे कंबल, कपड़े, तौलिये या चादरों से गर्म करें। शरीर के तापमान को बढ़ाने के लिए गर्म पेय दें। यदि स्थिति बिगड़ती है तो तुरंत चिकित्सा सहायता प्राप्त करें।
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